जुड़वा बच्चों की डिलीवरी कैसे होती है?HealthPlanet

Posted on Fri 11th Nov 2022 : 09:34

गायेनेकोलॉजिस्‍ट से जानें किस तरह हो सकते हैं जुड़वा बच्‍चे, आप भी कर सकते हैं ट्राई
जुड़वा बच्‍चे चाहती हैं तो जानें कि गायनेकोलॉजिस्‍ट ट्विंस कंसीव करने के बारे में क्‍या कहती हैं और किस तरह आप ट्विंस कंसीव कर सकती हैं।
शिशु का जन्‍म होना, माता-पिता दोनों के लिए सबसे ज्‍यादा यादगार और खुशी का पल होता है और अगर जुड़वा बच्‍चे हों, तो यह खुशी दोगुनी हो जाती है। आजकल हर कोई फैमिली प्‍लानिंग में दो बच्‍चे तो चाहता ही है और कपल्‍स सोचते हैं कि अगर एक ही बार में जुड़वा बच्‍चे हो जाएं तो सारी टेंशन ही खत्‍म हो जाए।
तरीकों की खोज

ऐसे में कपल्‍स उन तरीकों की खोज करने लगते हैं जिससे जुड़वा बच्‍चे होने के चांसेस बढ़ जाते हैं। अगर आप भी ऐसा कुछ सोच रहे हैं, तो यह आर्टिकल आपको बहुत काम आने वाला है। यहां हम आपको जुड़वा बच्‍चे पैदा करने के लिए गायनेकोलॉजिस्‍ट की राय बता रहे हैं, जो आपके बहुत काम आ सकती है।
​कैसे होते हैं जुड़वा बच्‍चे

डॉक्‍टरों को पूरी तरह से इस बारे में जानकारी नहीं है कि जुड़वा बच्‍चे क्‍यों होते हैं। हालांकि इसके लिए कुछ कारकों को जिम्‍मेदार माना जाता है जैसे कि महिला की उम्र, परिवार में जुड़वा बच्‍चे होने की हिस्‍ट्री और फर्टिलिटी ट्रीटमेंट लेना।

जब स्‍पर्म भ्रूण बनाने के लिए फर्टिलाइज एग तक पहुंचता है तो गर्भधारण होता है। हालांकि, अगर फर्टिलाइजेशन के समय पर गर्भाशय में दो अंडे मौजूद हों या फर्टिलाइज एग दो भ्रूण में बंट जाए तो महिला जुड़वा बच्‍चों के साथ प्रेगनेंट हो सकती है।
​दो तरह से होते हैं जुड़वा बच्‍चे
गायनेकोलॉजिस्‍ट डॉक्‍टर अर्चना नरूला कहती हैं कि जुड़वा बच्‍चे दो तरह से होते हैं - एक आइडेंटिकल और दूसरा नॉन-आइडेंटिकल। आइडेंटिकल ट्विंस में फर्टिलाइज एग दो भ्रूण में बंट जाता है। ये भ्रूण मोनोजाइगोटिक होते हैं। इसका मतलब है कि इनके आइडेंटिकल जीन्स होते हैं। आइडेंटिकल ट्विंस एक ही सेक्‍स के होते हैं और इनकी शक्‍लें काफी मिलती-जुलती हो सकती हैं।

जब फर्टिलाइजेशन के समय गर्भाशय में दो एग होते हैं और दोनों ही स्‍पर्म से फर्टिलाइज हो जाते हैं तो नॉन आइडेंटिकल प्रेग्‍नेंसी होती है। ये भ्रूण डिजिगोटिक होते हैं जिसका मतलब है कि दोनों बच्‍चों का सेक्‍स अलग हो सकता है।
कब होते हैं जुड़वा बच्‍चे

डॉक्‍टर अर्चना नरूला बताती हैं कि अगर आप आईवीएफ जैसी कोई फर्टिलिटी ट्रीटमेंट से प्रेगनेंट हुई हैं, तो आपके ट्विंस होने के चांसेस ज्‍यादा हैं। ऐसा इसलिए है क्‍योंकि अक्‍सर ट्रीटमेंट के दौरान प्रेग्‍नेंसी के सफल होने की संभावना को बढ़ाने के लिए डॉक्‍टर महिला के गर्भ में दो फर्टिलाइज भ्रूण डाल देते हैं।
​डॉक्‍टर से जानें ट्विंस कंसीव करने का तरीका
गायनेकोलॉजिस्‍ट डॉक्‍टर अर्चना नरूला का कहना है कि नैचुरली जुड़वा बच्‍चे कंसीव करने का कोई तरीका नहीं होता है। उनका कहना है कि ऐसा कोई घरेलू नुस्‍खा या सेक्‍स पोजीशन या तरीका नहीं है जिससे जुड़वा बच्‍चे कंसीव करने की गारंटी मिलती हो।

डॉक्‍टर बताती हैं कि आईवीएफ वगैरह में ट्विंस होने के चांसेस ज्‍यादा होते हैं। अगर आप किसी फर्टिलिटी ट्रीटमेंट की मदद से प्रेगनेंट हुई हैं, तो आपको ट्विंस होने के चांसेस बाकी महिलाओं से ज्‍यादा हैं।

अगर आपको प्रेगनेंट होने में दिक्‍कत आ रही है या फर्टिलिटी से जुड़ी कोई प्रॉब्‍लम है या आप ट्वविंस के लिए ट्राई कर रही हैं, तो आप डॉक्‍टर अर्चना नरूला से बात कर सकती हैं।

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